Banking Sakhi Scheme :अब घर बैठे महिलाएं कमा सकती हैं 20 से 30 हजार रुपए हर महीने जानिए कैसे

By Kajal Rana

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Banking Sakhi

Banking Sakhi : बैंकिंग सखी भारत में एक पहल है,इस स्कीम के अंतर्गत महिलाए अपने ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग और फाइनेंस की जानकारी गाँव के लोगो को प्रदान करती हैं।और “सखी” शब्द का हिंदी में अर्थ मित्र है, जो दर्शाता है कि ये महिलाएं अपने कम्युनिटी के लोगो को फाइनेंस और बैंकिंग की जानकारी उन्ही की करीबी मित्र बनकर देगी। यह स्कीम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गयी है इस स्कीम के जरिये महिलाओं को आर्थिक सहायता भी मिलती है। ऐसे में अगर आप भी ग्रामीण महिला हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है।

अभी तक बैंक सखी बन चुकी लाखों महिलाएं अपने ही गांव में 30 हजार रुपए तक कमा रही हैं। बैंकिंग सखी में शामिल महिलाओं को सरकार की तरफ से हर महीने रु 4000 दिए जाते है आइए विस्तार से जानते है “Banking Sakhi” के बारे में पूरी जानकारी। 

Banking Sakhi Scheme क्या है?

भारत में अभी लाखो गाँव ऐसे भी है जो शहरों से कनेक्टेड नहीं हैं। ऐसे में वहां के लोगों को फाइनेंस,बैंकिंग की जानकारी प्रदान करना ज़रूरी हैं। ऐसे में सरकार की  Banking Sakhi योजना के तहत महिलाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि गांव के बुजुर्गों को पेंशन, मनरेगा मजदूरों का भुगतान, बैंक में खाता शुरू करने के लिए लंबी दूरी तय कर ज्यादा भटकना न पड़े। साथ ही बैंक एसोसिएटेड सभी काम गांव में ही हो जाए।

अब गांव वासियो को बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। क्योंकि सखी पैसे घर तक पहुंचा देती हैं। बैंकिंग सखी को सरकार की तरफ से हर महीने रु 4000 दिए जाएंगे। और इसके अलावा बैंक भी लेने देन करने पर सखी को कमीशन देगा। 

Banking Sakhi का उद्देश्य 

बैंकिंग सखी का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को रोजगार प्रदान करना और बैंक खाताधारकों की रोजमर्रा की समस्याओं को कम करके हल करना है जैसे की पैसे का लेन देन, अन्य जानकारी आदि। 

Banking Sakhi कौन हो सकती है 

बैंक सखी होने के लिए महिला के पास नीचे दिए गए सभी जरूरी विशेषताएं होनी चाहिए। 

  • कम से कम 12 महीने के लिए एक महिला एसएचजी सदस्य
  • 22-45 वर्ष के आयु
  • एक पढ़ी लिखी महिला जिसके पास न्यूनतम 10वीं/8वीं कक्षा पास की हो (लिखने और पढ़ने का कौशल अच्छा हो);
  • समुदाय का प्रतिनिधि लेकिन बैंक का नहीं।

Banking Sakhi के लिए जरूरी दस्तावेज : 

  • आधार कार्ड 
  • बैंक खाता 
  • पंजीकृत मोबाइल नंबर
  • एड्रेस प्रूफ आदि। 

कौन चुनेगा Banking Sakhi को :

बैंक सखी का चयन VO द्वारा किया जायेगा । यदि VO का गठन नहीं हुआ है, तो उसका चयन विभिन्न SHG के प्रतिनिधियों वाली एक इन्फॉर्मल कमेटी द्वारा किया जायेगा ।

क्या-क्या जिम्मेदारी होगी बैंकिंग सखी की :

जब भी गांव के सदस्य पैसे जमा करने या निकालने के लिए बैंक जाते हैं, तो बैंक सखी को उनकी मदद करनी होगी :

  • लेन-देन पर्चियाँ,बैंक चालान भरना
  • नकदी का लेखांकन 
  • खाता खोलने और लोन आवेदन भरने के लिए सभी दस्तावेज़ीकरण formalities पूरी करना
  • बैंक में सदस्यों के व्यक्तिगत खाते खोलना; और
  • बैंक से अन्य वित्तीय सेवाएँ प्राप्त करने में स्वयं सहायता समूहों की सहायता करना।
  • आधार सीडिंग
  • मोबाइल सीडिंग

Banking Sakhi ने दूरदराज के इलाकों में लोगों के दरवाजे तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे औपचारिक वित्तीय संस्थानों और ग्रामीण आबादी के बीच की खाई को पाट दिया गया है। उनके काम ने भारत में वित्तीय समावेशन प्रयासों की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 

Banking Sakhi से मिलने वाले लाभ 

  1. बैंकिंग सखी योजना उत्तर प्रदेश की महिलाओं को रोजगार देगी। 
  2. इस स्कीम के अंदर लगभग 58 हजार महिलाओं को रोजगार मिलेगा। 
  3. इस स्कीम में लगी हुई महिलाओं को सरकार की तरफ से नौकरी मिलेगी और अगले 6 महीने के लिए रु 4000 हर महीने दिए जाएंगे। 
  4. बैंकिंग सखी को डिजिटल डिवाइस खरीदने पर 50 हजार रुपए की सहायता मिलेगी। 
  5. बैंक के द्वारा भी सखी को लेन देन पर कमीशन मिलेगा। 
  6. बैंकिंग सखी की जिम्मेदारी यह होगी की यह गावो गावो जाकर ग्रामीण लोगों को बैंक के प्रति जागरूक करना है। और इसके साथ साथ ग्रामीण लोगों के घर बैठे बैंक के काम करने में मदद करेगी। 

Conclusion:

आज की इस पोस्ट में हमने आपको “Banking Sakhi” के बारे में पूरी जानकारी दी है। आशा है, कि आपको हमारी द्वारा दी गई पूरी जानकारी पसंद आएगी

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